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आखिर क्या है ताजमहल के बंद पढ़े 22 कमरों का रहस्य, जानने के लिए बीजेपी नेता ने दायर की याचिका

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आखिर क्या है ताजमहल के बंद पढ़े 22 कमरों का रहस्य, जानने के लिए बीजेपी नेता ने दायर की याचिका

ताजमहल के 22 कमरों को खोलने के लिए बीजेपी नेता ने याचिका दायर की है। यह याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने दायर की है। याचिका दायर होने के बाद इन 22 कमरों के रहस्य को लेकर लोगों में उत्सुकता है। तो वहीं, आगरा के न्यायालय में ताजमहल के बंद हिस्से की वीडियोग्राफी कराने की एक याचिका लंबे समय से लंबित है। 2015 में लखनऊ के हरीशंकर जैन और अन्य की ओर से अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ ने सिविल कोर्ट में ताजमहल को लार्ड श्रीअग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजोमहालय मंदिर घोषित करने को याचिका दायर की थी। इसका आधार बटेश्वर में मिले राजा परमार्दिदेव के शिलालेख को बताया गया था। 2017 में केंद्र सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने प्रतिवाद पत्र दाखिल करते हुए ताजमहल में कोई मंदिर या शिवलिंग होने या उसे तेजोमहालय मानने से इंकार कर दिया था। इसके बाद जिला जज ने याचिका को खारिज कर दिया था। बाद में रिवीजन के लिए याचिका दायर की गई थी। ताजमहल के बंद हिस्सों की वीडियोग्राफी कराने से संबंधित याचिका ADJ पंचम के यहां अभी विचाराधीन है।

आपको बता दे ताजमहल के 22 कमरों में खोलने और इनकी जांच के लिए समिति गठित करने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है। याचिका दायर होने बाद एक बार फिर ताजमहल और तेजोमहालय का विवाद सुर्खियों में आ गया है। इतिहासविद राजकुमार राजे ने बताया कि ताजमहल में मुख्य मकबरे और चमेली फर्श के नीचे 22 कमरे बने हैं, जिन्हें बंद कर दिया गया है। उनका कहना है यह कमरे मुगल काल से बंद हैं। साल 1934 में भी इनको केवल निरीक्षण के लिए देखा गया था कि उनकी हालत कैसी है। मगर, इसका कहीं भी कोई उल्लेख नहीं है। चमेली फर्श पर यमुना किनारा की तरफ बेसमेंट में नीचे जाने के लिए दो जगह सीढ़ियां बनी हुई हैं। इनके ऊपर लोहे का जाल लगाकर बंद कर दिया गया है। 40 से 45 साल पहले तक सीढ़ियों से नीचे जाने का रास्ता खुला हुआ था।

ताजमहल या तेजोमहालय का विवाद इतिहासकार पीएन ओक की किताब “ट्रू स्टोरी आफ ताज’ (True Story of Taj) के बाद शुरू हुआ था। इतिहासविद् राजकुमार का कहना है कि ओक ने अपनी किताब में ताजमहल के शिव मंदिर होने से संबंधित कई दावे किए थे। उन्होंने अपनी किताब में राजा जय सिंह के फरमानों का जिक्र करने के साथ स्थापत्य कला का उदाहरण दिया था। इसके अलावा ताजमहल में गणेश, कमल के फूल और सर्प के आकार की कई आकृतियां दिखाई देती थीं।

अगर याचिका स्वीकार होती है और भविष्य में इन 22 कमरों को खोला जाता है, तो क्या इन कमरों से कोई ऐसा रहस्य निकलेगा जो चौंकाने वाला होगा?

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SC ने खारिज की वकील की 2 हफ्ते की जेल, प्रैक्टिस पर रोक

उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने प्रेसीडेंसी टाउन इन्सॉल्वेंसी एक्ट, 1909 की धारा 9 से 13 के तहत शुरू की गई दिवाला कार्यवाही में अदालत के समक्ष पेश होने के लिए वकील के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। मार्च, 31 पर जब एक पुलिस निरीक्षक वारंट को निष्पादित करने की मांग की थी,

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SC ने खारिज की वकील की 2 हफ्ते की जेल, प्रैक्टिस पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर एक याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें एक वकील को अदालत की अवमानना ​​​​के लिए दंडित किया गया था, जबकि उसे दो सप्ताह के कारावास की सजा सुनाई गई थी और साथ ही उसे एक वर्ष की अवधि के लिए अभ्यास करने से रोक दिया गया था।
न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रकुड और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की अवकाश पीठ ने अधिवक्ता के आचरण को “पूरी तरह से अवमानना” करार दिया और उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ उनकी अपील को अस्वीकार कर दिया।
मामले की सुनवाई करते हुए, पीठ ने कहा, “आखिरकार आप जानते हैं, न्यायाधीशों पर हमला किया जाता है। जिला न्यायपालिका में न्यायाधीशों की कोई सुरक्षा नहीं है, कभी-कभी लाठी चलाने वाला पुलिसकर्मी भी नहीं है। यह पूरे देश में हो रहा है … आप बेहूदा आरोप नहीं लगा सकते। मैंने देखा है कि देश के अन्य हिस्सों में क्या होता है और न्यायाधीशों के खिलाफ आरोप लगाने में यह फैशन का एक नया हिस्सा बन रहा है। न्यायाधीश जितना मजबूत होगा, आरोप उतने ही खराब होंगे। यह बॉम्बे में हो रहा है, उत्तर प्रदेश में और अब यहां तक ​​कि मद्रास भी।”

शीर्ष अदालत उच्च न्यायालय की खंडपीठ के आदेश के खिलाफ एक अपील पर सुनवाई कर रही थी जिसमें अधिवक्ता पीआर आदिकेशवन को अवमानना ​​का दोषी ठहराया गया था और उन्हें दो सप्ताह के कारावास की सजा सुनाई गई थी, साथ ही उन्हें जारी किए गए गैर-जमानती वारंट के निष्पादन में बाधा डालने के लिए एक वर्ष की अवधि के लिए अभ्यास करने से रोक दिया गया था। इसके खिलाफ उसके द्वारा।
उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने प्रेसीडेंसी टाउन इन्सॉल्वेंसी एक्ट, 1909 की धारा 9 से 13 के तहत शुरू की गई दिवाला कार्यवाही में अदालत के समक्ष पेश होने के लिए वकील के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। मार्च, 31 पर जब एक पुलिस निरीक्षक वारंट को निष्पादित करने की मांग की थी, न केवल आदिकेशवन द्वारा बल्कि पचास से अधिक अधिवक्ताओं द्वारा उनका घेराव किया गया था, जिन्होंने कर्मियों को उच्च न्यायालय के आदेशों को निष्पादित करने से रोका था।
यह देखते हुए कि आदिकेशवन कार्यवाही की लंबितता से पूरी तरह अवगत थे, लेकिन जानबूझकर उच्च न्यायालय के समक्ष पेश नहीं हुए, एकल पीठ ने अधिवक्ताओं द्वारा किए गए आपराधिक अवमानना ​​के कार्य का संज्ञान लिया।
जब खंडपीठ आदिकेशवन के खिलाफ अवमानना ​​के मामले पर विचार कर रही थी, तो उसने एकल न्यायाधीश के खिलाफ आरोप लगाए और एक न्यायाधीश को इस मामले में गवाह के रूप में जांच करने के लिए और एक न्यायाधीश को अलग करने के लिए एक अन्य न्यायाधीश को समन जारी करने के लिए आवेदन दायर किया। मामले की सुनवाई से खंडपीठ।
खंडपीठ ने तब अपना फैसला सुनाया और आदेश की तारीख से एक वर्ष की अवधि के लिए आदिकेशवन को दो सप्ताह के साधारण कारावास और मद्रास उच्च न्यायालय में अभ्यास नहीं करने की सजा सुनाई।

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राष्ट्रीय

हेट स्पीच मामले में केरल हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक पीसी जॉर्ज को अंतरिम जमानत दी

इससे पहले उन पर पलारीवट्टोम पुलिस ने आईपीसी 153 और 295 ए के तहत मामला दर्ज किया था। उन्होंने 8 मई को एर्नाकुलम जिले के वेन्नाला में महादेव मंदिर में एक सप्त यज्ञ कार्यक्रम के संबंध में भाषण दिया था।

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इससे पहले उन पर पलारीवट्टोम पुलिस ने आईपीसी 153 और 295 ए के तहत मामला दर्ज किया था। उन्होंने 8 मई को एर्नाकुलम जिले के वेन्नाला में महादेव मंदिर में एक सप्त यज्ञ कार्यक्रम के संबंध में भाषण दिया था।

केरल उच्च न्यायालय ने सोमवार को पूर्व विधायक पीसी जॉर्ज को मुसलमानों के खिलाफ कथित अभद्र भाषा के मामले में उनके खिलाफ दर्ज एक मामले में अंतरिम जमानत दे दी।

न्यायमूर्ति पी गोपीनाथ की एकल पीठ ने जमानत की शर्त रखी कि जॉर्ज को कोई विवादास्पद या सांप्रदायिक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
इससे पहले उन पर पलारीवट्टोम पुलिस ने आईपीसी 153 और 295 ए के तहत मामला दर्ज किया था। उन्होंने 8 मई को एर्नाकुलम जिले के वेन्नाला में महादेव मंदिर में एक सप्त यज्ञ कार्यक्रम के संबंध में भाषण दिया था।
कुछ दिन पहले, उन्हें तिरुवनंतपुरम किला पुलिस ने अनंतपुरी हिंदू महा सम्मेलन में कथित सांप्रदायिक टिप्पणी के लिए एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था।

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राजनीति

राहुल गांधी की हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा से मुलाकात हुई

तो वहीं कांग्रेसी विधायक कुलदीप बिश्नोई के सवाल पर विवेक बंसल ने कहा कि वे जल्द ही साथ दिखाई देंगे, कुछ खत्म नहीं हुआ। इस बैठक के बाद हरियाणा प्रभारी विवेक बंसल ने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस अब तीव्र गति से दौड़ती नजर आएगी

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राज्यसभा चुनाव पर राहुल गांधी ने कहा कि चुनौती कठिन है, परंतु हमें मिलकर काम करना है

वहीं हुड्‌डा गुट के विधायक नीरज शर्मा ने अपने अयोध्या प्रवास के दौरान दीपेंद्र हुड्‌डा को हरियाणा का भावी सीएम बताया। साथ ही कहा कि हरियाणा में इनके नेतृत्व में राम राज्य चलेगा। नीरज शर्मा के बयान को लेकर भी पार्टी मीटिंग में चर्चा हो सकती है और हुड्‌डा विरोधी खेमा इस पर नाराजगी जता सकता है। बैठक में पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्‌डा ने कहा कि शिविर के बाद नए अध्यक्षों ने उनका धन्यवाद किया। राहुल ने कहा कि लोगों के हितों को लेकर आवाज उठाए। कांग्रेस अपने संकल्प पत्र में एमएसपी की लीगल गारंटी देगी। राज्यसभा चुनावों को लेकर हुड्‌डा ने कहा कि हाईकमान जो फैसला करेगा, उस पर चर्चा करेंगे।  तो वहीं कांग्रेसी विधायक कुलदीप बिश्नोई के सवाल पर विवेक बंसल ने कहा कि वे जल्द ही साथ दिखाई देंगे, कुछ खत्म नहीं हुआ। इस बैठक के बाद हरियाणा प्रभारी विवेक बंसल ने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस अब तीव्र गति से दौड़ती नजर आएगी। सामूहिक रुप से हरियाणा कांग्रेस चुनौतियों का सामना करेगी। संगठन निर्माण जल्द होगा। कांग्रेस के प्रति लोगों की निष्ठा है। हरियाणा में राज्यसभा चुनाव पर उन्होंने टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। राहुल गांधी ने कहा कि चुनौती कठिन है। परंतु हमें मिलकर काम करना है।   दरअसल हरियाण में 27 अप्रैल को नए प्रदेशाध्यक्ष और चार कार्यकारी अध्यक्षों की घोषणा की गई थी। इसके बाद से कांग्रेसी विधायक कुलदीप बिश्नोई नाराज चल रहे हैं। उन्होंने राहुल से मुलाकात के बाद ही कोई फैसला करने का निर्णय लिया था, लेकिन अभी तक राहुल गांधी के साथ उनकी मुलाकात नहीं हुई। जबकि इससे पहले पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्‌डा, हरियाणा प्रभारी विवेक बंसल और प्रदेशाध्यक्ष उदयभान की मुलाकात हो रही है। मीटिंग में कुलदीप बिश्नोई की नाराजगी पर भी चर्चा हो सकती है। उदयपुर में चिंतन शिविर के बाद हुड्‌डा की यह राहुल गांधी के साथ यह महत्वपूर्ण मुलाकात है। इस बैठक में कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी विवेक बंसल, प्रदेशाध्यक्ष उदयभान, कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज, श्रुति चौधरी भी मौजूद रहे। 

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