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शर्मनाक घटना: अलीगढ़ में भुखमरी, कुपोषण और बुखार की शिकार विधवा और उसके पांच बच्चे अस्पताल में भर्ती

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिससे समाज शर्मसार हो सकता है। एक स्थानीय अस्पताल में 1 विधवा स्त्री और उसके 5 बच्चों को भर्ती किया गया है जो भुखमरी, कुपोषण और बुखार के कारण मरणासन्न अवस्था तक पहुंच गए थे। इन सभी को अस्पताल में तब भर्ती कराया गया जब इनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी।

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Shameful incident Widow and her five children hospitalized due to starvation, malnutrition and fever in Aligarh

 उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिससे समाज शर्मसार हो सकता है। एक स्थानीय अस्पताल में 1 विधवा स्त्री और उसके 5 बच्चों को भर्ती किया गया है जो भुखमरी, कुपोषण और बुखार के कारण मरणासन्न अवस्था तक पहुंच गए थे। इन सभी को अस्पताल में तब भर्ती कराया गया जब इनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। 

समाज को शर्मनाक कर देने वाली यह घटना अलीगढ़ के नागला मंदिर क्षेत्र में घटी। इस घटना में विधवा और पांचों बच्चे 15 दिनों तक भूख से तड़पते रहे मगर कोई हेल्प के लिए आगे नहीं आया। इस घटना के पीछे के कारणों में कोविड19 के कारण लगा लॉकडाउन भी कुछ हद तक जिम्मेदार है, मगर साथ ही स्थानीय दुकानदार और लोगों को भी इस शर्मनाक घटना की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं किया जा सकता। 

ज्ञात हो कि सभी पीड़ित स्वास्थ्य लाभ लेकर थोड़े ठीक हो रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बारे में बताते हुए पीड़ित विधवा स्त्री ने बताया कि हम बुखार से पीड़ित थे और पिछले 15 दिनों से हमारे पास खाने के लिए कुछ नहीं था। हमारे पास राशन कार्ड नहीं था और स्थानीय दुकानदारों ने भी पैसे न होने के कारण हमे राशन देने से मना कर दिया था। 

इस बारे में बात करते हुए मलखान सिंह जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आर किशन ने बताया कि वे सभी बुखार और भूख से पीड़ित थे। कोविड19 लॉकडाउन के बीच उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। फिलहाल हम उन्हें उच्च प्रोटीन आहार प्रदान कर रहे हैं, जिससे स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है। 

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में बोलते हुए मलखान सिंह जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि हम प्रधान सचिव और कोटेदार (राशन उपलब्ध नहीं कराने के लिए) के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव कर रहे हैं। प्रशासन ने फिलहाल उन्हें 5000 रुपए की सहायता प्रदान की है और उन्हें राशन कार्ड के लिए नामांकित किया है और अधिकारियों को श्रम और ग्राम विकास की कई योजनाओं में परिवार का नामांकन करके उनकी मदद करने के लिए कहा है। उम्मीद है कि पीड़ितों को न्याय मिले और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

Disclaimer: This post has been auto-published from an agency news helpline feed without any modifications to the text and has not been reviewed by an editor

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