Connect with us

ताजा

दिल्ली स्थित इजरायली दूतावास हमलों के 4 आरोपियों का हुआ लाई डिटेक्टर टेस्ट हुआ

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली स्थित इजरायली दूतावास के बाहर जनवरी में हुए बम ब्लास्ट के मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट किया है। ऐसा तब किया गया जब पुलिस की पूछताछ में चारों आरोपियों के बयान एक-दूसरे के विपरीत पाए गए। ज्ञात हो कि इन चारों आरोपियों की गिरफ़्तारी कुछ दिन पूर्व ही कारगिल से हुई थी।

Published

on

Lie detector test of 4 accused of Israeli embassy attacks in Delhi conducted

    दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली स्थित इजरायली दूतावास के बाहर जनवरी में हुए बम ब्लास्ट के मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट किया है। ऐसा तब किया गया जब पुलिस की पूछताछ में चारों आरोपियों के बयान एक-दूसरे के विपरीत पाए गए। ज्ञात हो कि इन चारों आरोपियों की गिरफ़्तारी कुछ दिन पूर्व ही कारगिल से हुई थी। 

ज्ञात हो कि इसी साल के 29 जनवरी को दिल्ली स्थित इजरायली दूतावास के बाहर बम ब्लास्ट हुआ था। हालांकि इस हमले में किसी की जान नहीं गई थी, मगर यह इस खबर ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में बहुत सुर्खियां बटोरी थी। इस बम ब्लास्ट के प्रारम्भिक जांच में ईरान की संलिप्तता पर संदेह व्यक्त किया गया था, मगर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जब गहन जांच की तो ईरान की संलिप्तता को खारिज करते हुए, अलग एंगल से जांच प्रारंभ की। 

इसी हमले के जांच के क्रम में विगत 24 जून को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केंद्रीय खुफिया एजेंसी व कारगिल पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए कारगिल से चार आरोपितों (नज़ीर हुसैन, जुल्फिकार अली वजीर, अयाज हुसैन व मुजम्मिल हुसैन) को गिरफ्तार किया था। ये सभी राजधानी में आतंकी हमले की साजिश रच रहे थे। इन्हें ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया था। पुलिस को शक है कि जनवरी में इजरायली दूतावास के बाहर जो बम ब्लास्ट हुआ था, उसमे इनकी भी संलिप्तता थी। इसी संदर्भ में पूछताछ के क्रम में इनके बयानों में भिन्नता पाए जाने पर इनका लाई डिटेक्टर टेस्ट हुआ है।

ज्ञात हो कि ये चारों आरोपी थांग गांव, जिला कारगिल, लद्दाख के रहने वाले छात्र हैं और इनमें कुछ आरोपियों ने दिल्ली विश्वविद्यालय से भी पढाई भी की है। इजरायली दूतावास के बाहर ब्लास्ट से पहले तक ये चारों आरोपी दिल्ली विश्वविद्यालय के पास स्थित विजय नगर में रहा करते थे। ब्लास्ट वाले दिन यानि 29 जनवरी को इन चारों ने अपने-अपने मोबाइल बंद कर दिए थे और दिल्ली छोड़कर अपने गांव चले गए थे। 24 जून को गिरफ़्तारी के बाद से दिल्ली लाकर इनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस अपनी पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दिल्ली में ये कहां कहां-कहां ठहरे थे और इनका संपर्क किन-किन लोगों के साथ था। 

Disclaimer: This post has been auto-published from an agency news helpline feed without any modifications to the text and has not been reviewed by an editor

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2021 DigitalGaliyara (OPC) Private Limited