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भाजपा के साथ कॉंग्रेस विधायकों की मिलीभगत की खबरों का झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष ने किया खंडन

Jharkhand Congress President denies reports of collusion of Congress MLAs with BJP

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Jharkhand Congress President denies reports of collusion of Congress MLAs with BJP

झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने कहा कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक है, और पार्टी विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों का उन्होंने पूरी तरह से खंडन किया। उरांव ने एक बयान में कहा, “हम एक पार्टी के रूप में बरकरार हैं। मीडिया में जो कुछ भी आ रहा है वह सच नहीं है।” झारखंड में विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले की जांच कर रही पुलिस के साक्ष्य ने कांग्रेस के विधायकों  की सांस अटका दी है। हर दिन नये खुलासों से दागदार होती छवि को बचाने के लिये कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम  के आवास पर आठ विधायकों की बैठक हुई। बैठक में विधायकों से उनकी भूमिका को लेकर सवाल पूछे गए। बैठक में किसी को धनबाद में पार्टी कार्यालय की चिंता सता रही है, तो किसी को पुल नहीं बनने का दर्द। कोई खुद को कांग्रेस का सच्चा सिपाही बताने में जुटा था, तो कोई मीडिया से मुंह छिपा रहा था। विधायकों के खरीद-फरोख्त मामले ने कांग्रेस को इस मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया है कि अब बहाना बनाते भी नहीं बन रहा। बुधवार को आलमगीर आलम के आवास पर आयोजित विधायकों की बैठक में यही सब देखने को मिला।   
                                                                                         बैठक में कांग्रेस के आठ विधायक शामिल हुए। बंद कमरे में हर विधायक से कई तरह के सवाल पूछे गए। लेकिन जब यही विधायक बाहर निकले तो उनकी जुबां पर कुछ और ही राग था। झरिया की विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने कहा कि वो धनबाद में पार्टी कार्यालय बनाने की मांग लेकर पहुंची थीं। वहीं, बड़कागांव के विधायक अंबा प्रसाद ने क्षेत्र में पुल निर्माण की बात कहते हुए मीडिया से अपना पिंड छुड़ाया।  खरीद-फरोख्त का मामला सार्वजनिक होने के बाद से कांग्रेस विधायकों की बैठक होने की बात कही जा रही थी। मगर इतने गंभीर मुद्दे पर भी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव इत्मीनान दिखे। उन्होंने पुलिस जांच में व्यवधान नहीं डालने की बात तक कह डाली। हालांकि मंगलवार को जब बैठक आहूत हुई तो कुछ खास विधायक तलब किये गए। बैठक खत्म होने के बाद कांग्रेस के विधायक इरफान अंसारी एक बार फिर खुद को पार्टी का सच्चा सिपाही होने का दावा चीख-चीख कर बताते नजर आए। जबकि अन्य दूसरे विधायकों ने मीडिया का सामना करने की हिम्मत नहीं जुटाई। ज्यादातर विधायक कैमरा देख कर मुंह छिपाते और भागते नजर आए।  दरअसल प्रदेश कांग्रेस अब डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। बैठक के बाद आलमगीर आलम ने विधायकों के एकजुट होने का मजबूत दावा किया। डैमेज कंट्रोल का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस के नेता दिल्ली दौरे से लेकर बीजेपी नेताओं से मुलाकात की बात को महज संयोग बताने में जुट गए हैं। वैसे पुलिस अनुसंधान पर पार्टी को कोई एतराज नहीं है, पर मीडिया में इस अनुसंधान की बात सार्वजनिक होने का मलाल जरूर है।

Disclaimer: This post has been auto-published from an agency news helpline feed without any modifications to the text and has not been reviewed by an editor

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