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कोरोना

दूसरी लहर धीमी होते ही तीसरी लहर की सरगर्मी ने स्वास्थ्य विभाग को झकझोर रखा है

डॉ पॉल ने कहा, “हमें सतर्क रहना चाहिए क्योंकि दुनिया भर में वायरस दबाव में है। जब भी वायरस दबाव में होता है, तो यह कुछ नई विशेषताओं को पकड़ लेता है,” उन्होंने कहा कि लैम्ब्डा वेरीयंट के रूप में वैश्विक स्तर पर वेरीयंट की पूरी क्षमता का पता लगाया जाना बाकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस नए वेरीयंट को ज़्यादा ख़तरनाक बताया है।

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देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर धीमी होते ही तीसरी लहर की सरगर्मी और कोरोना वायरस के अलग-अलग वेरीयंट ने स्वास्थ्य विभाग को झकझोर रखा है। पिछले दिनों डेल्टा प्लस वेरीयंट के मामले सामने आए उसके बाद खबर मिली की उत्तर प्रदेश में कप्पा वेरीयंट का एक मामला शुक्रवार को सामने आया लेकिन देश अभी तक लैम्ब्डा वेरीयंट का कोई मामला नहीं आया है। बताया जा रहा है की कोरोना के ये नए वेरीयंट डेल्टा प्लस से ज़्यादा ख़तरनाक है। 
नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस वार्ता के दौरान कहा, “वर्तमान में भारत में SARS-CoV-2 के लैम्ब्डा वेरीयंट का कोई मामला नहीं है, लेकिन सरकार इस नए वेरीयंट के वैश्विक परिदृश्य की बारीकी से निगरानी कर रही है, जो पहले पेरू में पाया गया और फिर दुनिया के लगभग 30 देशों में फैल गया, जिसमें कई यूरोपीय देश भी शामिल हैं। अगर यह भारत में प्रवेश करता, तो इसका पता INSACOG (द इंडियन SARS-CoV-2 कंसोर्टियम ऑफ जेनोमिंस) द्वारा लगाया जाता।”

और भी पड़ें: सिडनी पर टूटा डेल्टा प्रकोप, जून के मध्य से रिकॉर्ड दैनिक ऊंचाई पर पंहुचा

डॉ पॉल ने कहा, “हमें सतर्क रहना चाहिए क्योंकि दुनिया भर में वायरस दबाव में है। जब भी वायरस दबाव में होता है, तो यह कुछ नई विशेषताओं को पकड़ लेता है,” उन्होंने कहा कि लैम्ब्डा वेरीयंट के रूप में वैश्विक स्तर पर वेरीयंट की पूरी क्षमता का पता लगाया जाना बाकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस नए वेरीयंट को ज़्यादा ख़तरनाक बताया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, “लैम्ब्डा कोरोना संक्रमण का 7 वां वेरीयंट है, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 14 जून को अधिसूचित किया गया था। यह वेरीयंट पहली बार पेरू में रिपोर्ट किया गया था। हमारा INSACOG स्थिति की निगरानी कर रहा है।”

बता दें, लैम्ब्डा वेरीयंट सबसे पहले पेरू से रिपोर्ट किया गया यह वेरीयंट अब पेरू में लगभग 82 प्रतिशत कोविड -19 मामलों के लिए जिम्मेदार बताया जा रहा है। मलेशिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि यह वेरीयंट डेल्टा प्लस की तुलना में घातक साबित हो रहा है। डेल्टा प्लस वह वेरीयंट है जो दुनिया भर में महामारी की लहर को चला रहा है और भारत की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है ।

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