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कोरोना

DPIIT सचिव डॉ. गुरुप्रसाद महापात्र का कोरोना से हुआ निधन, प्रधानमंत्री ने शौक जताया।

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव के सचिव डॉ गुरुप्रसाद महापात्र का कोविड-19 संक्रमण से निधन हो गया है। जानकारी के अनुसार डॉ महापात्रा को अप्रैल के मध्य में एम्स में भर्ती कराया गया था।

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DPIIT Secretary Dr. Guruprasad Mohapatra died of Corona, Prime Minister expressed his hobby.

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव के सचिव डॉ गुरुप्रसाद महापात्र का कोविड-19 संक्रमण से निधन हो गया है। जानकारी के अनुसार डॉ महापात्रा को अप्रैल के मध्य में एम्स में भर्ती कराया गया था।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने श्रधांजलि व्यक्त करते हुए ट्वीट लिखा, “डीपीआईआईटी के सचिव डॉ. गुरुप्रसाद महापात्र के निधन के बारे में सुनकर बेहद दुख हुआ। उनकी लंबे समय से चली आ रही सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण ने एक स्थायी प्रभाव छोड़ा है। मैं उनके परिवार और दोस्तों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।” .

बता दें, सन 1986 बैच के एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी डॉ महापात्रा ने अगस्त 2019 में उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया था। DPIIT के सचिव के रूप में कार्यभार संभालने से पहले, उन्होंने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया था।
उनकी मृत्यु से प्रभावित होते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया, “डीपीआईआईटी सचिव डॉ. गुरुप्रसाद महापात्र के निधन से दुखी हूं। मैंने उनके साथ गुजरात और केंद्र में बड़े पैमाने पर काम किया है।” प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि महापात्र को प्रशासनिक मुद्दों की बहुत अच्छी समझ थी और वह अपने अभिनव उत्साह के लिए जाने जाते थे। “उनके परिवार और दोस्तों के प्रति संवेदना, ओम शांति।”

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्विटर पर कहा कि महापात्रा के असामयिक निधन से भारत ने एक सक्षम प्रशासक खो दिया है। प्रधान ने ट्वीट किया, “अग्रणी, उन्होंने गुजरात में शहरी विकास परिदृश्य को सुधारने में अद्वितीय योगदान दिया, कई सार्वजनिक उद्यमों का नेतृत्व किया और वाणिज्य और विमानन क्षेत्र को भी आगे बढ़ाया।”
डॉ महापात्र ने वाणिज्य विभाग में एक संयुक्त सचिव के रूप में भी काम किया था, जहां उन्होंने विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड), सार्वजनिक खरीद और परियोजना निर्यात (वित्तपोषण और बीमा) को बढ़ावा देने के लिए काम किया था। वह गुजरात कैडर के 1986 बैच के आईएएस अधिकारी थे। राज्य स्तर पर, उन्होंने सूरत, गुजरात में नगर आयुक्त का पोर्टफोलियो संभाला। 

Disclaimer: This post has been auto-published from an agency news helpline feed without any modifications to the text and has not been reviewed by an editor

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