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पश्चिम बंगाल फेक वैक्सीनेशन घोटाले में एक और गिरफ़्तारी हुई

पश्चिम बंगाल का फेक वैक्सीनेशन मामला राज्य के लिए एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता दिख रहा है। हालांकि इस घोटाले में अभी तक किसी बड़े राजनीतिक साझेदार की गिरफ़्तारी नहीं हुई है, मगर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के द्वारा एक-दूसरे के ऊपर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चालू है। इसी हाई प्रोफाइल फेक वैक्सीनेशन घोटाले में एक और व्यक्ति की गिरफ़्तारी हुई है, जिसे फेक आईएएस अफसर देबंजन देब का बाडीगार्ड बताया जा रहा है।

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Another arrest in West Bengal fake vaccination scam

 पश्चिम बंगाल का फेक वैक्सीनेशन मामला राज्य के लिए एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता दिख रहा है। हालांकि इस घोटाले में अभी तक किसी बड़े राजनीतिक साझेदार की गिरफ़्तारी नहीं हुई है, मगर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के द्वारा एक-दूसरे के ऊपर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चालू है। इसी हाई प्रोफाइल फेक वैक्सीनेशन घोटाले में एक और व्यक्ति की गिरफ़्तारी हुई है, जिसे फेक आईएएस अफसर देबंजन देब का बाडीगार्ड बताया जा रहा है। 

कोलकाता में नकली वैक्सीन घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार इस व्यक्ति का नाम अरबिंदा बैद्य है, जिसकी गिरफ़्तारी कल 1 जुलाई की रात को हुई है। इस व्यक्ति को इस मामले में बहुत बड़ी कड़ी बताया जा रहा है। कल रात गिरफ्तार हुआ व्यक्ति अरबिंदा बैद्य नकली आईएएस अफसर देबंजन देब के सुरक्षाकर्मी के रूप में तैनात था और इसे देबंजन देब की सभी अवैध गतिविधियों की जानकारी थी और उनमें से कुछ में उसने भाग भी लिया था।

ज्ञात हो कि विगत 21 जून को जब देश भर में मास वैक्सीनेशन ड्राइव का आयोजन किया गया था, उसी दिन मौके का फायदा उठा कर कुछ असामाजिक तत्वों ने नकली वैक्सीनेशन कैंपों का आयोजन किया था। इसी क्रम में देबंजन देब नामक व्यक्ति जो खुद को एक आईएएस अफसर बता रहा था, ने एक नकली वैक्सीनेशन कैंप का आयोजन किया था और इसी कैंप के प्रमोशन के लिए उसने बंगाली फिल्मों की ऐक्ट्रिस और तृणमूल काँग्रेस (TMC) की सांसद मिमी चक्रवर्ती को अप्रोच किया था। मिमी चक्रवर्ती ने इस नकली वैक्सीनेशन ड्राइव में हिस्सा लिया भी, मगर जब उन्हे कोई कन्फर्मेशन मैसेज नहीं आया तो उन्होंने पुलिस में शिकायत की तो इस वैक्सीनेशन घोटाले का पर्दाफाश हुआ था। 

इस नकली वैक्सीनेशन ड्राइव के खुलासे के बाद से पश्चिम बंगाल में यह मुद्दा बहुत जोरों से उठाया जा रहा है। यहां तक कि तृणमूल के कुछ नेताओं ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को भी इस मामले में घसीटने का प्रयास किया। ज्ञात हो कि इस मामले की जांच के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। इसके अलावे कलकत्ता हाई कोर्ट में इस मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए एक याचिका भी डाली गई है, जिसपर सुनवाई होनी बाकी है।

Disclaimer: This post has been auto-published from an agency news helpline feed without any modifications to the text and has not been reviewed by an editor

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