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आंध्र प्रदेश सरकार ने बकरी ईद के लिए दिशा-निर्देश जारी किए, खुले में नमाज़ पढ़ने पर रोक

आगामी हफ्ते के 20 या 21 जुलाई को पूरे भारत में मुस्लिम धर्मावलंबियों का त्योहार ईद-उल-अज़हा उर्फ बकरी ईद का आयोजन होने वाला है। चुकी यह लोगों का आपस में मिलने-जुलने का त्योहार है, इसलिए आंध्र प्रदेश सरकार ने कोविड19 की स्थिति को देखते हुए बकरी ईद के पांच दिन पूर्व ही एहतियातन दिशा-निर्देश जारी किया है।

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Andhra Pradesh government issues guidelines for Bakri Eid, ban on offering prayers in the open

आगामी हफ्ते के 20 या 21 जुलाई को पूरे भारत में मुस्लिम धर्मावलंबियों का त्योहार ईद-उल-अज़हा उर्फ बकरी ईद का आयोजन होने वाला है। चुकी यह लोगों का आपस में मिलने-जुलने का त्योहार है, इसलिए आंध्र प्रदेश सरकार ने कोविड19 की स्थिति को देखते हुए बकरी ईद के पांच दिन पूर्व ही एहतियातन दिशा-निर्देश जारी किया है। 

आंध्र प्रदेश सरकार ने ईद-उल-अज़हा के लिए जो दिशा निर्देश जारी किए हैं उसमें कहा है कि लोगों को ईदगाहों या खुले स्थानों पर नमाज़ अदा नहीं करनी चाहिए, और बड़ी भीड़ से बचने के लिए प्रांगण की कुल क्षमता से आधे (50%) पर लोगों के साथ सिर्फ मस्जिदों में नमाज़ अदा की जानी चाहिए। 

आंध्र प्रदेश सरकार के द्वारा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तरफ से अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि बकरी ईद के नमाज के दौरान भारी भीड़ जमा न हो इसके लिए ईदगाह परिसर या खुले स्थानों पर नमाज करने पर रोक लगाई जा रही है। नमाज सिर्फ और सिर्फ मस्जिदों में सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन करते हुए 50% क्षमता के साथ करना होगा। इसके साथ ही कहा गया है कि बकरी ईद की नमाज को कई बारी में आयोजित की जाए ताकि भीड़ जमा न हो। 

अधिसूचना में आगे कहा गया है कि मस्जिद में नमाज के दौरान मास्क पहनना अनिवार्य है और बिना मास्क के मस्जिद में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी नमाजियों को नमाज पढ़ने के लिए अपने घर से मैट लाना अनिवार्य है। मस्जिद में नमाज आयोजकों को मस्जिद के एंट्री और निकास मार्ग पर सैनिटाइजर रखना अनिवार्य किया गया है और हर नमाजी के आने और जाने के क्रम में सैनिटाइज करना अनिवार्य होगा। साथ ही बूढ़ों, बच्चों और बीमार लोगों को घर पर ही नमाज करने को कहा गया है। 

अधिसूचना के अंत में नमाज करने आए लोगों को गले मिलने, हाथ मिलाने जैसे सभी कार्यों से दूर रहने को कहा गया है ताकि कोरोना के फैलने की संभावना बिल्कुल न रहे।

Disclaimer: This post has been auto-published from an agency news helpline feed without any modifications to the text and has not been reviewed by an editor

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