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फेक RT-PCR बना कर टूर कराने वाले 4 एजेंटों को किया गिरफ्तार

4 एजेंटों पर मामला दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि राज्य में अब तक 100 से ज्यादा फेक आरटी-पीसीआर नकारात्मक रिपोर्ट का पता चला है।

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Uttrakhand Police

 देश में कोविड19 की स्थिति में सुधार के बाद उत्तराखंड सरकार ने राज्य में टूरिस्टों के आने की अनुमति प्रदान की है, मगर इसके साथ ही सभी का आरटी-पीसीआर निगेटिव रिपोर्ट लाना भी अनिवार्य किया है, ताकि टूरिस्टों के आने से राज्य में कोरोना का प्रसार न हो। मगर कुछ टूरिस्टों ने उत्तराखंड के इस नियम का तोड़ निकालते हुए फेक आरटी-पीसीआर रिपोर्ट लाना प्रारंभ कर दिया है, इससे राज्य में कोरोना फैलने की आशंका गहरा गई है। 

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केंद्र सरकार द्वारा कोविड सुरक्षा नियमों के बारे में राज्यों को जारी नए दिशा-निर्देशों के बाद उत्तराखंड के क्लेमेंट टाउन में फर्जी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट के साथ देहरादून-मसूरी घूमने आए 13 पर्यटकों को पुलिस ने पकड़ा है। जांच के बाद राज्य पुलिस ने फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप में 4 एजेंटों पर मामला दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि राज्य में अब तक 100 से ज्यादा फेक आरटी-पीसीआर नकारात्मक रिपोर्ट का पता चला है। फेक रिपोर्ट पाए जाने के बाद पुलिस ने राज्य के पर्यटन स्थलों पर आरटी-पीसीआर रिपोर्ट की जांच को तेज कर दिया है। 

विदित हो कि आरटी-पीसीआर का पूरा नाम टेस्ट यानी रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमर्स चेन रिएक्शन टेस्ट है। आरटी-पीसीआर जांच के द्वारा व्यक्ति के शरीर में वायरस का पता लगाया जाता है। जांच के बाद व्यक्ति का आरटी-पीसीआर का नेगेटिव या पॉजिटिव रिपोर्ट दी जाती है। नेगेटिव रिपोर्ट का मतलब होता है कि वह व्यक्ति वायरस से मुक्त है।

Disclaimer: This post has been auto-published from an agency news helpline feed without any modifications to the text and has not been reviewed by an editor

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