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18100 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना को मिली मंजूरी, जाने क्या है ये योजना

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इससे पर्यावरण अनुकूल हरित वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा और तांबा तथा बॉक्साइट जैसे स्थानीय उत्पादों का उपयोग भी होगा।

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18100 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना को मिली मंजूरी, जाने क्या है ये योजना

एडवांस बैटरी स्टोरेज सुविधा के लिए 18,100 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना को सरकार से मंजूरी मिल गई है। इस पहल का मकसद  50,000 मेगावाट घंटा एसीसी (रसायन बैटरी) और 5,000 मेगावाट घंटा विशिष्ट एसीसी (रसायन बैटरी) की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को हासिल करना है।

सरकार ने 12 मई ‘2021 बुधवार को एडवांस बैटरी स्टोरेज सुविधा के मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिये 18,100 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्चे के साथ उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) को मंजूरी दे दी।

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मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं से कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देने के मकसद से राष्ट्रीय उन्नत रसायन सेल की एडवांस बैटरी स्टोरेज कार्यक्रम को मंजूरी दी गयी है। इसमें 45,000 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इससे पर्यावरण अनुकूल हरित वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा और तांबा तथा बॉक्साइट जैसे स्थानीय उत्पादों का उपयोग भी होगा।

सोसाइटी फॉर मैन्युफैक्चरर ऑफ़ इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स (SMEV) के डायरेक्टर जनरल सोहिन्दर  गिल ने अपने बयान में कहा सरकार के, “प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम द्वारा बैटरी स्टोरेज बढ़ावा देने से इलेक्ट्रिक गाड़ियों   (Electric Vehicles) की क़ीमत कम हो जाएगी जिससे, इलेक्ट्रिक गाड़ियों (Electric Vehicles) की उपलब्धता को बढ़ावा मिलेगा “. उन्होंने सरकार के ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI)’ स्कीम को मंजूरी देने वाले फैसले का स्वागत किया और कहा की “यह फैसला अगले 1 – 2 साल में इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) की इंडस्ट्री में बहुत बड़े निवेश को आकर्षित करेगा”।  

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