Connect with us

ताजा

CBSE Board के 1,152 छात्र सुप्रीम कोर्ट पहुंचे

देश भर के 10वीं और 12वीं कक्षा के 1152 छात्रों ने सीबीएसई को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.सुप्रीम कोर्ट में 1152 छात्रों ने याचिका दायर कर इस स्कीम पर सवाल उठाते हुए कुछ सुझाव भी दिए हैं. देश भर के साढ़े ग्यारह सौ से ज्यादा छात्रों ने वकील मनु जेटली के जरिए दाखिल अपनी याचिका में कंपार्टमेंट, रिपीटर्स छात्रों के प्रदर्शन मूल्यांकन के लिए एक फार्मूले पर पहुंचने और समयबद्ध तरीके से परिणाम जारी करने के लिए निर्देश देने की भी प्रार्थना की है

Published

on

1,152 students of CBSE Board reach Supreme Court

देश भर के 10वीं और 12वीं कक्षा के 1152 छात्रों ने सीबीएसई  को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.सुप्रीम कोर्ट में 1152 छात्रों ने याचिका दायर कर इस स्कीम पर सवाल उठाते हुए कुछ सुझाव भी दिए हैं. देश भर के साढ़े ग्यारह सौ से ज्यादा छात्रों ने वकील मनु जेटली के जरिए दाखिल अपनी याचिका में कंपार्टमेंट, रिपीटर्स छात्रों के प्रदर्शन मूल्यांकन के लिए एक फार्मूले पर पहुंचने और समयबद्ध तरीके से परिणाम जारी करने के लिए निर्देश देने की भी प्रार्थना की है.सुप्रीम कोर्ट ने 12वीं के बोर्ड इम्तिहान के लिए सीबीएसई के जिस फार्मूले को हरी झंडी दी थी उसे कुछ छात्रों ने चुनौती दी है. साथ ही दसवीं और बारहवीं कक्षा की कंपार्टमेंट परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की गई है. याचिकाकर्ताओं ने सीबीएसई बोर्ड को नियमित छात्रों के लिए सीबीएसई और अन्य शिक्षा बोर्डों द्वारा अपनाए गए मूल्यांकन फार्मूले के अनुरूप 12वीं कक्षा के निजी / कम्पार्टमेंट / रिपीटर्स छात्रों के प्रदर्शन मूल्यांकन के लिए एक फार्मूले पर पहुंचने और समयबद्ध तरीके से परिणाम जारी करने के लिए निर्देश देने की भी प्रार्थना की है.

सुप्रीम कोर्ट में 1152 छात्रों ने याचिका दायर कर इस स्कीम पर सवाल उठाते हुए कुछ सुझाव भी दिए हैं. छात्रों ने अपनी याचिका में कंपार्टमेंट, पिछले कई सालों से पास होने की उम्मीद में इम्तिहान देने वाले, पत्राचार से 12वीं करने वाले, ड्रॉप आउट, प्राइवेट छात्रों के लिए भी नीति बनाने की मांग की है.इन वर्गों के तहत परीक्षा देने वाले छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों आदि की स्वास्थ्य सुरक्षा सहित सभी जरूरी इंतजाम करने के मुद्दे भी याचिका में उठाए गए हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने तीन जून को सीबीएसई को 12वीं की परीक्षा की बाबत योजना बनाकर कोर्ट में पेश करने को कहा था. बोर्ड ने 17 जून को अपना फार्मूला कोर्ट को दिया जो कोर्ट ने मंजूर करते हुए रिकॉर्ड पर लिया लेकिन याचिकाकर्ता छात्रों का कहना है कि इन वर्गों के छात्रों और परीक्षार्थियों को लेकर नई स्कीम उदासीन है. ये संविधान में दिए गए बुनियादी अधिकारों में समानता के अधिकारों के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है.

Disclaimer: This post has been auto-published from an agency news helpline feed without any modifications to the text and has not been reviewed by an editor

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2021 DigitalGaliyara (OPC) Private Limited